उपचार जो जड़ से ख़त्म करे मधुमेह

मधुमेह (Diabetes) आजकल बेहद घातक बीमारी बन गई है। यहाँ तक कि यह दुनिया की जानलेवा और विकलांग बनाने वाली बिमारियों में प्रमुख बीमारी बन कर उभरी है। 2007 में मधुमेह मृत्यु और विकलांगता के मामले में सातवें नंबर पर थी।मधुमेह इस तरह की दीर्घकालिक जटिलताओं के साथ जुड़ा हुआ है, जो लगभग शरीर के हर एक हिस्से को प्रभावित करती है। मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों में, अंधापन, हृदय और रक्त की बीमारियां, स्ट्रोक (Stroke), गुर्दे का फेल होना, विच्छेदन, और तंत्रिका क्षति बेहद सामान्य सी बातें हैं।
 Diabetes

मधुमेह के लक्षण 

मजोरी महसूस होना



कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
रोगी के हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म

ज्यादा खाना खाने के बाद भी रोगी का भार कम होना
चक्कर आना और हृदय गति अनियमित होने का खतरा
बार-बार पेशाब का आना
आँखों की रौशनी कम होना

ज्यादा प्यास लगना

स्कीन पर बार बार इन्फेक्शन होना और बार-बर फोड़े-फुँसियाँ निकलना
भूख ज्यादा लगना
किडनी खराब होना

मधुमेह के घरेलु उपचार व नुस्खे

करेला डायबिटीज के निदानों में यह भी एक महत्‍वपूर्ण खोजों में से एक है। करेले का प्रयोग एक प्राकृतिक स्टेरॉयड के रुप में किया जाता है क्‍योंकि इसमें कैरेटिन नामक रसायन होता है जिसके दा्रा खून में शुगर लेवल नहीं बढ़ पाता। करेले के 100 मिली. के रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है। 


अलसी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण यह फैट और शुगर का उचित अवशोषण करने में सहायक होता है। अलसी के बीज डाइबिटीज़ के मरीज़ की भोजन के बाद की शुगर को लगभग 28 प्रतिशत तक कम कर देते हैं। प्रतिदिन सुबह खाली पेट अलसी का चूर्ण गरम पानी के साथ लें।

त्रिफला चूर्ण को रात को सोने से पहले एक से डेड चमच गर्म दूध के साथ ले लें उसके बाद थोडा सा चल फिर लें।

आधा कफ ताजा गौ मूत्र लेकर उसमें आधा कफ पानी मिला लें और उसे सुबह-सुबह पी लें।

दालचीनी के नाम से भी जाना जाने वाला यह पदार्थ इन्सुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाता है तथा रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करता है। प्रतिदिन आधा टी स्पून दालचीनी का सेवन करने से इन्सुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है तथा वज़न नियंत्रित होता है, जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है।ब्लड शुगर के स्तर को कम रखने के लिए एक महीने तक अपने प्रतिदिन के आहार में 1 ग्राम दालचीनी शामिल करें।

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जामुन इस फल का रस, पत्‍ती और बीज मधुमेह की बीमारी को जड़ से खतम कर देते हैं। जामुन के सूखे बीजों को पाउडर बना कर एक चम्‍मच दिन में दो बार पानी या दूध के साथ लेने से राहत मिलती है। इससे अग्न्याशय पर काफी अच्‍छा असर पड़ता है। 

आमला अगर एक चम्‍मच आमले का रस करेले के रस में मिला कर रोज पिएगें तो मधुमेह की इस्‍से अच्‍छी दवा और कोई नहीं होगी। 

आम की पत्‍ती 15 ग्राम ताजे आम के पत्‍तों को 250 एमएल पानी में रात भर भिगो कर रख दें। इसके बाद सुबह इस पानी को छान कर पी लें। इसके अलावा सूखे आम के पत्‍तों को पीस कर पाउडर के रूप में खाने से भी लाभ होता है। 

शहद कार्बोहाइर्ड्रेट, कैलोरी और कई तरह के माइक्रो न्‍यूट्रिएंट से भरपूर शहद मधुमेह के लिए लाभकारी है। जिन लोगों को यह बीमारी होती है उन्‍हें चीनी की जगहं पर शहद खाने को कहा जाता है। 

नींबू: मधुमेह के मरीज को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नींबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है। 

मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए। 

इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए।
मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी,  सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं। 



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