तुलसी का प्रयोग कब कैसे और क्यों करना चाहिए
तुलसी का प्रयोग कब कैसे औ र क्यों करना चाहिए चिकित्सकों के अनुसार तुलसी बल बढ़ाने वाली, हृदयोत्तेजक, सूजन को पचाने वाली एवं सिर दर्द को ठीक करने वाली होती है। तुलसी के पत्ते बेहोशी में सुंघाने से बेहोशी दूर होती है। इसके पत्ते चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है। तुलसी के सेवन से सूखी खांसी दूर होती है और वीर्य गाढ़ा होता है। वैज्ञानिकों द्वारा तुलसी का रासायनिक विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इसके तेल में कुछ सीटोस्टेराल, स्टीयरिक, लिनोलक, पामिटिक, लिनोलेनिक और ओलिक वसा अम्ल भी होते हैं। इसमें ग्लाइकोसाइड, टैनिन, सेवानिन और एल्केलाइड़स भी होते हैं। सिर्फ ३ दिन लगते है बवासीर को जड़ से ख़त्म करने में. -जाने ये है उपाए : उपचार : 1. वीर्यवृद्धि (धातु में वृद्धि) : तुलसी के बीजों का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा में पुराने गुड़ के साथ मिलाकार खाएं और इसके बाद 1 कप दूध पीएं। इसका सेवन नियमित रूप से सुबह-शाम नियमित रूप से कुछ महीनों तक लेने से सेक्स सम्बंधी धातु की वृद्धि होती है। इससे नपुंसकता (नामर्दी) और शीघ्रपतन (धातु का शीघ्र निकल जाना) की समस्याएं दू...